जगदलपुर। बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक गोंचा पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर्व के दौरान नौ दिनों तक महाभंडारा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार गोंचा पर्व हर वर्ष समाज और श्रद्धालुओं के सहयोग से धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जगदलपुर पहुंचते हैं। पर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।
समिति ने बताया कि पूर्व में संस्कृति विभाग की ओर से गोंचा पर्व के आयोजन के लिए 5 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इस वर्ष आयोजन की व्यापकता और आवश्यक व्यवस्थाओं को देखते हुए तहसीलदार के माध्यम से शासन को 18 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
मंदिर समिति के सदस्य Narendra Panigrahi ने बताया कि बजट प्रस्ताव की जानकारी मिलने के बाद जल्द ही तहसीलदार और कलेक्टर के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में पर्व की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और शासन से मिलने वाले सहयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
समिति का कहना है कि पर्याप्त संसाधन और प्रशासनिक सहयोग मिलने पर इस वर्ष गोंचा पर्व को और अधिक व्यवस्थित एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।





