July 23, 2026

जगदलपुर में नेत्रोत्सव के साथ गोंचा महापर्व का शुभारंभ, आज दिव्य दर्शन, कल निकलेगी भव्य रथयात्रा

जगदलपुर। बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान गोंचा महापर्व का शुभारंभ गुरुवार को भगवान जगन्नाथ के नेत्रोत्सव के साथ हो गया। अनशन काल के बाद भगवान जगन्नाथ का दिव्य श्रृंगार कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। अब पूरा शहर शुक्रवार को निकलने वाली भव्य रथयात्रा की तैयारियों और उत्साह में डूबा हुआ है।

नेत्रोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जगदलपुर के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में नेत्रोत्सव का आयोजन पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ को आकर्षक एवं दिव्य श्रृंगार से सजाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

नेत्रोत्सव के अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन करेंगे। रथयात्रा गोंचा महापर्व का सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जाती है, जिसमें सभी वर्गों और समुदायों की सहभागिता रहती है।

सदियों पुरानी परंपरा का अनूठा संगम

बस्तर का गोंचा महापर्व ओडिशा के पुरी की रथयात्रा की परंपरा का स्थानीय स्वरूप माना जाता है। यह उत्सव सदियों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना हुआ है। आयोजन में 360 आरण्यक ब्राह्मण, उत्कल ब्राह्मण और आदिवासी समाज सहित विभिन्न समुदायों की सक्रिय भागीदारी रहती है, जो इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।

आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और महालक्ष्मी के विग्रहों के साथ मनाया जाने वाला यह महापर्व आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। धार्मिक मान्यता है कि कलियुग में भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के बीच आकर उन्हें दर्शन देते हैं, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।