July 30, 2026

बस्तर के चर्चित नक्सली मामलों की सुनवाई को मिलेगी रफ्तार, जगदलपुर में NIA के विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति

जगदलपुर। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की लंबी लड़ाई अब निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुकी है। कभी नक्सली हिंसा के लिए पहचान रखने वाला बस्तर आज तेजी से शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, बीते वर्षों में हुई बड़ी नक्सली घटनाओं से जुड़े मामलों की न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है। इन्हीं मामलों की सुनवाई को गति देने के लिए जगदलपुर में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई है।

बस्तर के इतिहास में कुछ घटनाएं ऐसी रही हैं जिन्होंने पूरे देश को झकझोर दिया था। वर्ष 2013 का झीरम घाटी हमला, दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या और नारायणपुर में भाजपा नेता की हत्या समेत कई बड़े मामलों की जांच एनआईए ने की थी। इन प्रकरणों की सुनवाई विशेष अदालत में विचाराधीन है।

अब तक इन मामलों की सुनवाई विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत संचालित हो रही थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के बाद एनआईए से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित और तेज गति से होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार बस्तर से जुड़े करीब 12 चर्चित मामले वर्तमान में एनआईए कोर्ट में लंबित हैं।

विशेष अदालत की व्यवस्था से गवाहों, पीड़ित परिवारों और जांच एजेंसियों को भी राहत मिलेगी। वर्षों से लंबित मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है, जिससे न्यायिक निष्पादन में गति आएगी।

गौरतलब है कि बस्तर में नक्सली हिंसा की घटनाओं में लगातार कमी आई है और क्षेत्र नक्सलमुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रहा है। ऐसे समय में अतीत की बड़ी नक्सली घटनाओं से जुड़े मामलों का निष्पादन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और कानून की प्रक्रिया अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंच सके।

विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति को बस्तर से जुड़े चर्चित नक्सली मामलों की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलने के साथ-साथ लंबे समय से लंबित मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद भी बढ़ गई है।