जगदलपुर। चेक बाउंस के मामलों में वर्षों से न्यायालय के चक्कर काट रहे पक्षकारों को राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विशेष लोक अदालत का आयोजन किया है। इस पहल का मकसद आपसी सहमति और समझौते के जरिए लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत दर्ज चेक बाउंस मामलों की सुनवाई की जा रही है। यहां आवेदक और अनावेदक दोनों पक्षों को एक मंच पर बैठाकर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
387 मामलों की होगी सुनवाई
प्राधिकरण ने मामलों के त्वरित निपटारे के लिए छह खंडपीठों का गठन किया है। विशेष लोक अदालत में 387 चेक बाउंस प्रकरण सुनवाई और समझौते के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सकेगा।
समय और धन दोनों की होगी बचत
अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत का उद्देश्य किसी पक्ष की हार या जीत तय करना नहीं, बल्कि विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान करना है। इससे पक्षकारों का समय, धन और लंबी न्यायिक प्रक्रिया का बोझ कम होगा। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटाने में भी मदद मिलेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे विशेष लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने विवादों का आपसी समझौते से समाधान करें।





