May 19, 2026

जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट सतीश जग्गी, बोले—23 साल बाद मिला न्याय

एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने और 3 हफ्ते के भीतर सरेंडर के निर्देश के बाद मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने फैसले पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि 23 साल बाद उनके परिवार को न्याय मिला है।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सतीश जग्गी ने बातचीत में कहा कि यह उनके पिता के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है और अंततः सत्य की जीत हुई है। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही वे इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।

सतीश जग्गी के अनुसार, सीबीआई ने मामले में ठोस साक्ष्य जुटाए और अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया। उन्होंने कहा कि हत्या के पहले दिन ही उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में उनकी एफआईआर को शून्य कर दिया गया और एक फर्जी आरोपी पेश किया गया।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिससे निष्पक्ष जांच संभव हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद सीबीआई ने निष्पक्ष जांच की।

अमित जोगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश जग्गी ने कहा कि 23 साल का संघर्ष आसान नहीं था। एक सामान्य परिवार को एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के खिलाफ न्याय के लिए लड़ना पड़ा, जिसमें कई कठिनाइयों, दबाव और डर का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ सत्य था और आखिरकार उसी सत्य की जीत हुई है।