July 29, 2026

जल जीवन मिशन अधूरा, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना की जमीनी हकीकत चिंताजनक नजर आ रही है। कई गांवों में पानी टंकी और पाइपलाइन निर्माण का काम वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसका बड़ा उदाहरण बेलरपुर गांव है, जहां करीब तीन साल पहले शुरू हुआ जल जीवन मिशन अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

गांव के दो मोहल्लों में केवल दो हैंडपंप ही लोगों की प्यास बुझाने का सहारा बने हुए हैं। एक हैंडपंप बस्ती के भीतर है, जबकि दूसरा स्कूल परिसर में स्थित है। बस्ती वाले हैंडपंप का बोरवेल सिस्टम लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को हैंडपंप का हैंडल चलाकर पानी निकालना पड़ रहा है। पानी भरने के लिए रोज लंबी कतार लगती है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

दूसरे मोहल्ले के लोग स्कूल परिसर में लगे हैंडपंप पर निर्भर हैं। यहां बोरवेल के जरिए करीब 500 मीटर दूर तक पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क किनारे पाइप बाहर निकला हुआ है, जिसमें अतिरिक्त पाइप जोड़कर ग्रामीण पानी भरने को मजबूर हैं।

स्थिति इतनी खराब है कि लोग गंदगी और कीचड़ के बीच से पानी लेकर अपने घर पहुंच रहे हैं। जिस स्थान से ग्रामीण पानी भरते हैं, वहीं पशु-पक्षी भी दलदल के बीच पानी पीते दिखाई देते हैं। इससे गांव में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत दो साल पहले ही हर घर तक नल से पानी पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और पीएचई विभाग की उदासीनता के कारण योजना अधूरी पड़ी हुई है।

पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता महेश साहू ने बताया कि निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर अनुबंध निरस्त करने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।