September 4, 2026

जशपुर में 21 साल पुराने चावल घोटाले का खुलासा, 2.22 लाख क्विंटल की गड़बड़ी नहीं, 22 हजार क्विंटल चावल की कमी; 40 हजार पन्नों का चालान पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में 21 साल पुराने चावल घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। कुनकुरी स्थित छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के गोदाम में चावल के स्टॉक में भारी गड़बड़ी के मामले की जांच पूरी होने के बाद दो आरोपियों के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों का अभियोग-पत्र विशेष न्यायालय, जशपुर में पेश किया गया है।

मामला वर्ष 2005 में दर्ज हुआ था। शुरुआती जांच में कुनकुरी गोदाम में करीब 26,626.42 क्विंटल चावल की कमी सामने आई थी। विस्तृत विवेचना, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच के बाद वास्तविक कमी 22,198.52 क्विंटल निर्धारित की गई। जांच एजेंसी के अनुसार इससे शासन को करीब 2 करोड़ 50 लाख 55 हजार 555.94 रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

अभिलेखों में दर्ज था स्टॉक, गोदाम में नहीं मिला चावल

जांच में गोदाम में मौजूद वास्तविक चावल और विभागीय पंजियों में दर्ज स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया। आरोप है कि वास्तविक स्थिति से अलग दस्तावेज और अभिलेख तैयार किए गए तथा उनका इस्तेमाल आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में किया गया।

खाद्य विभाग की संक्षेपिका के आधार पर शासन ने कुनकुरी गोदाम में चावल के स्टॉक में हुई अनियमितता को लेकर अपराध दर्ज करने के लिए EOW मुख्यालय रायपुर को पत्र भेजा था। इसके बाद प्रारंभिक निरीक्षण और स्टॉक सत्यापन की कार्रवाई की गई।

2005 में दर्ज हुआ था अपराध

30 सितंबर 2005 को तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं गोदाम प्रभारी सुनील कुमार निगम और अन्य के खिलाफ अपराध क्रमांक 01/2005 दर्ज किया गया था। मामले में IPC की धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 और 471 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

दो अधिकारियों और परिवहनकर्ता की भूमिका की जांच

EOW की जांच के मुताबिक तत्कालीन गोदाम प्रभारी सुनील कुमार निगम और तत्कालीन गोदाम प्रभारी, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम, कुनकुरी शिव शंकर वैष्णव के पास गोदाम में भंडारित खाद्यान्न पर पदीय नियंत्रण था। आरोप है कि दोनों ने परिवहनकर्ता विमल कुमार गर्ग के साथ आपसी सहमति और कथित आपराधिक षड्यंत्र के तहत वास्तविक स्थिति से अलग दस्तावेज तैयार या संधारित किए।

हालांकि जांच के दौरान शिव शंकर वैष्णव की मृत्यु हो गई। वहीं परिवहनकर्ता विमल कुमार गर्ग की भूमिका 18 डिलीवरी ऑर्डरों के तहत 310.13 क्विंटल चावल के परिवहन और कथित वितरण में सामने आई।

दो आरोपियों के खिलाफ 40 हजार पन्नों का चालान

विस्तृत जांच के बाद सुनील कुमार निगम और विमल कुमार गर्ग उर्फ बिल्लू, निवासी खरसिया, जिला रायगढ़ के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। दोनों के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों का अभियोग-पत्र विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), जशपुर में पेश किया गया है।

21 साल पुराने इस मामले में अब विशेष न्यायालय में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।