May 18, 2026

जशपुर में श्रमिक सम्मेलन: 79 हजार श्रमिकों को 27.15 करोड़ DBT से हस्तांतरण, सीएम साय ने अफवाहों से सावधान रहने की अपील

विष्णुदेव साय ने जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनलाल देवांगन ने की, जबकि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें।

उन्होंने श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपये, मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सहायता और स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा खरीदने में 1.5 लाख रुपये तक की मदद दी जा रही है।

शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही मेधावी बच्चों के लिए निजी स्कूलों में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और हाल ही में लाखों लाभार्थियों को लगभग 495 करोड़ रुपये DBT के जरिए दिए गए हैं।

उन्होंने DBT प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि अब जनधन खातों के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। साथ ही PF को यूनिवर्सल बनाने और ESIC अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा का भी जिक्र किया।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की गई है।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में श्रमिकों को राज्य के विकास की रीढ़ बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।