रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने इस घटना को दुखद, चिंताजनक और निंदनीय बताते हुए इसे सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और मुनाफाखोरी की मानसिकता का परिणाम करार दिया है।
पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं है और इसे केवल निचले स्तर के कर्मचारियों की जिम्मेदारी बताकर दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी उन प्रबंधन स्तर के निर्णयकर्ताओं तक तय होनी चाहिए, जो दूर बैठकर संचालन से जुड़े फैसले लेते हैं।
अमित जोगी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कठोर आपराधिक धाराओं में कार्रवाई करने और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये तथा घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है।
उन्होंने कंपनी द्वारा घोषित 35-35 लाख रुपये के मुआवजे और नौकरी के आश्वासन को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल्य इससे कहीं अधिक है और पीड़ित परिवारों को उचित न्याय मिलना चाहिए।
7 सदस्यीय जांच समिति का गठन
घटना की जांच के लिए जनता कांग्रेस ने 7 सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में सुशील निर्मलकर (अध्यक्ष), संतोषी रात्रे, नवीन अग्रवाल, अर्जुन राठौर, प्रशांत त्रिपाठी, आशीष सुमेर और प्रिंकल दास को सदस्य बनाया गया है।
यह समिति घटनास्थल का दौरा कर हादसे के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति और पीड़ितों को मिली सहायता का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी।
पार्टी का कहना है कि इस जांच के जरिए न केवल जिम्मेदारों को चिन्हित किया जाएगा, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस सुझाव दिए जाएंगे।





