
जम्मू और कश्मीर प्रशासन को आतंकवाद से मुक्त करने जहां एक तरफ सेना की ओर से ऑपरेशन क्लीन आउट शुरू किया गया है वहीं उनके समर्थकों को भी अब चिन्हित लड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है. इसी का नतीजा है कि, सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले तीन सालों में देश विरोधी गतिविधियों के लिए 100 से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जबकि 140 से ज़्यादा अन्य लोगों को संदिग्ध आतंकी संबंधों के लिए कड़ी निगरानी में रखा है.




