March 5, 2026

Kabirdham Education Scam: 218 करोड़ के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व BEO संजय जायसवाल बोले – सभी आरोप निराधार

Kabirdham News | CG Education Department: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने विभागीय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते तीन वर्षों में कोषालय से निकाले गए करीब ₹218 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच कैश बुक, वाउचर और बिल रजिस्टर गायब पाए गए हैं। इसके बाद तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) संजय जायसवाल पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं।


📑 ऑडिट रिपोर्ट में क्या सामने आया?

ऑडिट में सामने आया है कि—

  • कोषालय से लगभग ₹218 करोड़ का लेन-देन हुआ।
  • कई वर्षों के कैश बुक और वाउचर गायब हैं।
  • बिल रजिस्टर का संधारण सही तरीके से नहीं किया गया।
  • वित्तीय दस्तावेजों में गंभीर लापरवाही पाई गई।

इन्हीं बिंदुओं के आधार पर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।


🗣️ पूर्व BEO संजय जायसवाल का पक्ष

मामले में अब पूर्व BEO संजय जायसवाल का बयान सामने आया है। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा—

“मेरे कार्यकाल में शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से भुगतान किया गया। सभी बिल, वाउचर, कैश बुक और दस्तावेज 11 दिसंबर 2025 को वर्तमान BEO को सौंप दिए गए थे, जिसकी रसीद मेरे पास मौजूद है।”

उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल अक्टूबर 2022 से सितंबर 2025 तक रहा।


📂 कक्ष प्रभारी पर लापरवाही का आरोप

पूर्व BEO ने कहा कि—

  • कक्ष प्रभारी योगेंद्र कश्यप को मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे।
  • बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने दस्तावेजों का संधारण सही से नहीं किया।
  • कई रिकॉर्ड इसी लापरवाही के कारण अधूरे रह गए।
  • कक्ष प्रभारी को नोटिस भी जारी किया गया था।

संजय जायसवाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में कोई गबन नहीं हुआ और हर लेन-देन के साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।


👮‍♂️ DEO ने क्या कहा?

मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा ने बताया—

“ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है। कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन पर तत्कालीन अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


🔍 जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

फिलहाल शिक्षा विभाग ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जवाब और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।