रायपुर। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भाजपा को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास हिंसा और असत्य का नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और सह-अस्तित्व का इतिहास है।
रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा, “मैं भाजपा के नेताओं से कहना चाहता हूं कि इस देश का इतिहास आपका भी इतिहास है। गांधी जी का रास्ता ही भारत को जोड़ने वाला रास्ता है।”
गांधी जयंती नहीं, बलिदान दिवस है संकल्प का दिन
कन्हैया कुमार सरगुजा में गैर-राजनीतिक संगठनों द्वारा आयोजित महात्मा गांधी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि गांधी जी का बलिदान दिवस सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष अनुभूति हुई है।
नफरत की राजनीति पर साधा निशाना
गोडसेवादी राजनीति पर निशाना साधते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे, “वैष्णव वही है जो दूसरों की पीड़ा में दुखी हो।”
लेकिन आज स्थिति उलट हो गई है, जहां लोग दूसरों के दुख में खुशी महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति नफरत की राजनीति बनती जा रही है, ऐसे समय में गांधी को बार-बार याद करने की जरूरत है।
नक्सलवाद पर बोले– संवाद और शांति ही समाधान
31 मार्च तक नक्सलवाद समाप्त करने की डेडलाइन को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व सीपीआई सदस्य कन्हैया कुमार ने कहा कि हिंसा किसी भी रूप में सही नहीं है।
उन्होंने कहा, “हिंसा चाहे कोई भी करे, उससे मनुष्यता का नुकसान होता है। सरकार दावे करे, यह ठीक है, लेकिन संवाद और शांति के रास्ते पर ही आगे बढ़ना चाहिए।”





