कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है। इसी बीच हाल ही में मुख्यधारा में लौटे नक्सली कैडर स्वरूपा उसेंडी ने अपने साथियों के नाम गोंडी भाषा में एक भावुक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने शेष माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार स्वरूपा ने परतापुर एरिया कमेटी के कामरेड चंदर रूपी को संबोधित करते हुए पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने साथियों से कहा है कि वे अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करें और सामान्य जीवन की ओर लौटें।
बताया जा रहा है कि कांकेर जिले में अभी भी करीब 19 माओवादी सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि स्वरूपा के इस पत्र का असर अन्य नक्सलियों पर भी पड़ सकता है और वे भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
पिछले दो दिनों में जिले में 6 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 5 और PLGA कंपनी-05 का 1 कैडर शामिल है। आत्मसमर्पण करने वालों में ACM रैंक के मंगेश पोडियमी, गणेश वीके, मंगती जुर्री, हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, राजे और PPCM स्वरूपा उसेंडी शामिल हैं।
इन माओवादियों ने एक SLR और दो .303 राइफल सहित कुल तीन हथियारों के साथ सरेंडर किया है। पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पित कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य सक्रिय माओवादियों से संपर्क कर उन्हें भी मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने शेष नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें। साथ ही भरोसा दिलाया गया है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।





