May 14, 2026

कांकेर में तेंदूपत्ता खरीदी पर बारिश की मार, भीगने और दीमक से गुणवत्ता पर संकट

कांकेर। बस्तर क्षेत्र में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता की खरीदी शुरू होते ही मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश और लगातार बदलते मौसम के कारण संग्रहण केंद्रों में रखे हजारों बंडल तेंदूपत्ता भीग गए हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है।

जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है—सुबह तेज धूप और शाम होते ही आंधी-बारिश। इस बदलाव का सीधा असर तेंदूपत्ता तोड़ाई, खरीदी और भंडारण पर देखने को मिल रहा है।

बारिश के कारण न केवल पत्ते भीग रहे हैं, बल्कि संग्रहण केंद्रों में रखे बंडलों में नमी बढ़ने से दीमक लगने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे पत्तों के खराब होने और शासन को आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

जिला मुख्यालय से सटे ग्राम नवागांव के संग्रहण केंद्र में करीब 120 हितग्राही पंजीकृत हैं, जहां अब तक लगभग 60 हजार गड्डी तेंदूपत्ता की खरीदी की जा चुकी है। लेकिन बारिश के चलते यहां रखे अधिकांश बंडल प्रभावित हुए हैं।

तेज हवा और बारिश के कारण कई जगह तेंदूपत्ता के बंडल बिखर भी गए हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और संरक्षण दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन अब स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बेहतर भंडारण व्यवस्था की जरूरत बताई जा रही है।