September 4, 2026

कश्मीरी छात्र को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक; शिकायतकर्ता को नोटिस

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कश्मीरी छात्र सूफी अब्दुल रहमान के खिलाफ बिलासपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले में शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अप्रैल में हुआ था विवाद, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ईशान वर्मा ने कोर्ट को बताया कि कथित घटना 24 अप्रैल 2026 की है, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से 26 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।

बताया गया कि विवाद को लेकर याचिकाकर्ता ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष से शिकायत की थी। विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में मामला सुलझ भी गया था। आरोप है कि कार्यालय से बाहर निकलने के बाद शिकायतकर्ता ने छात्र को धमकाते हुए कहा कि वह छत्तीसगढ़ का निवासी नहीं है। इसके बाद दोनों के बीच दोबारा विवाद हुआ।

छात्र की ओर से भी दर्ज हुआ काउंटर केस

याचिकाकर्ता के अनुसार, इसी घटना को लेकर उसने भी पुलिस में शिकायत की थी, जिसके आधार पर 27 अप्रैल 2026 को काउंटर केस दर्ज किया गया। वहीं, छात्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर आपराधिक प्रकरण बिलासपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में लंबित है।

पढ़ाई और करियर प्रभावित होने का दिया हवाला

अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि सूफी अब्दुल रहमान 23 वर्षीय छात्र है और अपने स्थायी निवास जम्मू-कश्मीर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहा है। अधिवक्ता का कहना है कि अच्छे अकादमिक रिकॉर्ड वाले छात्र के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रहने से उसकी पढ़ाई और भविष्य के करियर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

याचिकाकर्ता ने एफआईआर को घटना का एकतरफा पक्ष बताते हुए एफआईआर और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की है।

हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को भेजा नोटिस

मामले में हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस जारी किया है। राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार किए जाने के कारण राज्य को अलग से नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं मानी गई। कोर्ट ने राज्य और शिकायतकर्ता को नोटिस की तामील से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

फिलहाल हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक छात्र के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

SLUG: KASHMIRI-STUDENT-CRIMINAL-CASE-CHHATTISGARH-HIGH-COURT-STAY