September 4, 2026

Katghora News: बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बारिश के बीच कीचड़ में बैठकर किया प्रदर्शन

कटघोरा। प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में खास पहचान रखने वाला मिनीमाता बांगो बांध क्षेत्र इन दिनों अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से ज्यादा बदहाल सड़क को लेकर चर्चा में है। बांगो से पोड़ी ब्लॉक को जोड़ने वाला मुख्य पहुंच मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया।

भारी बारिश के बीच सैकड़ों ग्रामीण कीचड़ से सनी सड़क पर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

5 गांवों के लोगों के लिए एकमात्र मार्ग

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क क्षेत्र के पांच प्रमुख गांवों के आवागमन का मुख्य और एकमात्र साधन है। सड़क पर बड़े-बड़े और जानलेवा गड्ढे होने के साथ ही बारिश के दौरान कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन जाती है।

इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर फिसलकर लोग आए दिन घायल हो रहे हैं। कई लोग गिरने से हाथ-पैर तक तुड़वा चुके हैं, जबकि स्कूली बच्चे भी लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं।

मिट्टी डालकर की गई खानापूर्ति

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी सड़क निर्माण की मांग को लेकर जल संसाधन विभाग के कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल गड्ढों में मिट्टी डलवा दी गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश शुरू होते ही सड़क पर डाली गई मिट्टी कीचड़ और दलदल में बदल गई, जिससे मार्ग की स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है।

जनपद सदस्य आयुष सिंह ने ग्रामीणों को समझाया

प्रदर्शन के दौरान मौके से गुजर रहे जनपद सदस्य आयुष सिंह ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाइश देकर प्रदर्शन शांत कराया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या और उनके आक्रोश को जायज बताया।

आयुष सिंह ने कहा कि बदहाल सड़क के संबंध में जल्द ही शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने भी स्पष्ट किया है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।