July 29, 2026

गरियाबंद के कौंदकेरा से शुरू हुआ ‘जल प्रतिज्ञा’ अभियान पहुंचा दिल्ली, बच्चों की पहल बनी जन आंदोलन

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम कौंदकेरा से शुरू हुआ जल संरक्षण अभियान अब तेजी से जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। महज 8 स्कूली बच्चों के साथ शुरू हुई ‘जल प्रतिज्ञा’ पहल आज 5 से अधिक जिलों तक फैल चुकी है और इसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है।

व्याख्याता की पहल से शुरू हुआ अभियान

यह अभियान हायर सेकेंडरी स्कूल कौंदकेरा की व्याख्याता Meenakshi Sharma द्वारा शुरू किया गया था। उन्होंने जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से सबसे पहले 8 छात्रों को जोड़कर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।

इसके बाद 30 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट में कलेक्टर Bhagwan Singh Uikey की मौजूदगी में करीब 800 लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाई गई।

केंद्रीय टीम ने की सराहना

केंद्र सरकार के जल संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े केंद्रीय मिशन निदेशक Kamal Kishore Son स्वयं कौंदकेरा पहुंचे और इस पहल की सराहना की। उनके साथ जिला प्रशासन की मौजूदगी में बेलटुकरी गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाई गई।

कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़े शिक्षकों और सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कई जिलों तक फैला अभियान

कौंदकेरा से शुरू हुई यह मुहिम अब बेलटुकरी, रोहिना, भैंसातरा, सेमराडीह, टेका, भेडरी और कोपरा जैसे गांवों तक पहुंच चुकी है। साथ ही यह अभियान महासमुंद, आरंग, अभनपुर, सरगुजा और बीजापुर जिलों में भी तेजी से फैल रहा है।

जल संकट से पहले जागरूकता का प्रयास

व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि बढ़ते भू-जल संकट को देखते हुए पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और बचत की आदत जरूरी है। उनके अनुसार, छोटे-छोटे प्रयासों से रोजाना 10 से 12 लीटर पानी की बचत की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने और भविष्य के जल संकट से बचाव के लिए एक सामूहिक प्रयास है, जिसे लगातार जनभागीदारी का समर्थन मिल रहा है।