March 5, 2026

कवर्धा में 7 करोड़ के धान मामले में DMO अभिषेक मिश्रा निलंबित

कवर्धा, छत्तीसगढ़: जिले के सरकारी धान संग्रहण केंद्रों में भारी मात्रा में धान गायब होने के बाद जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। विवाद उनके उस बयान को लेकर हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि धान की कमी चूहों, दीमक और मौसम के कारण हुई।

वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा गया धान चारभाठा और बघर्रा केंद्रों में रखा गया था। जब धान का उठाव किया गया, तो इन दोनों केंद्रों से कुल 26,000 क्विंटल धान गायब पाया गया। इसमें अकेले चारभाठा केंद्र से 22,000 क्विंटल धान गायब मिला, जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने कहा था कि संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है और धान की कमी मौसम और कीड़ों के कारण हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में जिले की स्थिति बेहतर है।

हालांकि, उनकी इस टिप्पणी को विभाग ने गंभीर माना। रायपुर स्थित विभाग के एमडी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि डीएमओ ने बिना तथ्यात्मक पुष्टि के मीडिया में गलत जानकारी दी, जो छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का उल्लंघन है। आदेश में यह भी कहा गया कि इस कारण छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई।

निलंबन आदेश के अनुसार, डीएमओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान उनका मुख्यालय जिला विपणन कार्यालय बिलासपुर रहेगा और उन्हें निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता जारी रहेगी।

विभाग ने कहा है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और भविष्य में धान की सुरक्षा और रिकॉर्डिंग प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। स्थानीय किसान संगठन और विपक्षी दल ने इस मामले को सरकारी लापरवाही बताते हुए जवाबदेही की मांग की है।