कवर्धा। कबीरधाम जिले के बैगा बाहुल वनांचल गांवों में गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। कई गांवों में ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 1 से 2 किलोमीटर दूर स्थित झिरिया से पानी लाना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के अंतिम छोर पर बसे बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम भुरसीपकरी का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्या
दौरे के दौरान कलेक्टर ने गांव में रात्रि चौपाल लगाकर बैगा आदिवासियों के साथ जमीन पर बैठकर सीधी बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं, शिकायतें और मांगों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने खासतौर पर पेयजल संकट की समस्या सामने रखी और बताया कि झिरिया से पानी लाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।
घर-घर पानी पहुंचाने की तैयारी
कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देश देते हुए झिरिया में सेनेटरी वेल निर्माण, मोटर पंप स्थापना और पाइपलाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने की योजना बनाने को कहा है।
साथ ही जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी टंकी में जल्द पानी भरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिले के 26 वनांचल गांवों को चिन्हित कर वहां भी स्थायी पेयजल व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
गर्मी में बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में पानी की कमी से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





