कवर्धा: शिक्षा विभाग के पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों पर कार्रवाई
कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े कथित 218 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन कार्यालय में पदस्थ वर्ग–2 कर्मचारी माया कसार और योगेंद्र कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
- समयावधि: वर्ष 2022 से 2025 के बीच कैश बुक, वाउचर और बिल रजिस्टर गायब पाए गए।
- पूर्व बीईओ की प्रतिक्रिया: संजय जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से भुगतान हुआ। सभी वित्तीय दस्तावेज 11 दिसंबर 2025 को वर्तमान बीईओ को सौंप दिए गए।
- कक्ष प्रभारी की लापरवाही: योगेंद्र कश्यप को कई बार मौखिक और लिखित रूप में दस्तावेज़ों का संधारण ठीक से करने के निर्देश दिए गए, लेकिन उन्होंने गंभीरता से पालन नहीं किया।
जिला शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई
- ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर DEO एफ.आर. वर्मा ने जांच कर कर्मचारियों की लापरवाही पाई।
- निलंबन आदेश जारी, और कर्मचारियों को जीवन निर्वाह भत्ता सुनिश्चित।
- मामले की और जांच जारी रहेगी।
महत्व
यह मामला शिक्षा विभाग की वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में और कर्मचारियों या कार्यालयों पर आकस्मिक ऑडिट और निगरानी की संभावना बनी हुई है।
देखें आदेश की कॉपी







