May 14, 2026

खैरागढ़ में 35 लाख की फायर ब्रिगेड लापता, फाइल भी गायब; जांच के निर्देश

खैरागढ़। नगर पालिका खैरागढ़ में 35 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई फायर ब्रिगेड वाहन के वर्षों से लापता रहने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि वाहन का ठिकाना अज्ञात है, वहीं उससे संबंधित खरीद फाइल भी पहले ही गायब हो चुकी है। इस पूरे मामले में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, अविभाजित राजनांदगांव जिले के समय गौण खनिज मद से नगर पालिका को दो किश्तों में लगभग 35 लाख रुपये जारी किए गए थे। पहली किश्त में 13 लाख 13 हजार रुपये से वाहन का चेसिस खरीदा गया, जबकि दूसरी किश्त में 21 लाख रुपये से अधिक खर्च कर फायर ब्रिगेड को पूर्ण रूप से तैयार कराया गया। अक्टूबर 2020 में यह वाहन नगर पालिका को सौंपा गया था और कुछ समय तक सेवा में भी रहा।

बताया जा रहा है कि कुछ महीनों बाद अमलीडीह के पास वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया। लेकिन इसके बाद से यह वाहन वापस नगर पालिका नहीं लौटा।

बीमा क्लेम के बाद भी नहीं लौटा वाहन
नगर पालिका ने वर्ष 2023 में बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में दावा दायर किया था, जिसमें लगभग 8 लाख रुपये का सेटलमेंट भी हुआ। इसके बावजूद वाहन को वापस लाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। जानकारी के मुताबिक जिस गैरेज में वाहन रखा गया है, उसका किराया करीब 7 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

जिम्मेदारों की चुप्पी, जांच के निर्देश
खैरागढ़ एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने सीएमओ से जवाब-तलब करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवा का वर्षों तक उपयोग से बाहर रहना और संबंधित दस्तावेजों का गायब होना, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और लापता वाहन की वास्तविक स्थिति कब सामने आती है।