खैरागढ़। जिले में गर्मी के मौसम के दौरान लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में कई स्थानों पर सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, गंदगी मिलने पर एक जूस सेंटर को बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में केले जब्त किए गए।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की टीम ने फल बाजारों, मंडियों और दुकानों में लगातार निरीक्षण किया।
छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 20 किलो सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर नष्ट कराए गए। वहीं एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते दुकान को तत्काल बंद करा दिया गया।
इतवारी बाजार और पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट किए गए।
सबसे बड़ी कार्रवाई 29 मई को गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर की गई, जहां बिना खाद्य पंजीयन के केमिकल से फल पकाने का मामला सामने आया। छापेमारी के दौरान गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे हानिकारक केमिकल बरामद किए गए।
यहां से कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि अस्वच्छ तरीके से रखे गए करीब 60 कैरेट केले, जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है, जब्त किए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने, रसायनों के उपयोग और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





