खैरागढ़। रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए मिठाई और खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत खैरागढ़ के ठेलकाडीह क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अभियान के दो दिनों में विभाग अब तक 7 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज चुका है।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में चल रहे अभियान के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ठेलकाडीह क्षेत्र के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। टीम ने बालाजी स्वीट्स से खोवा, मोतीचूर लड्डू और मैसूर पाक के तीन विधिक नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
बेकरी संचालक को दिए साफ-सफाई के निर्देश
जांच के दौरान कान्हा बेकरी का भी निरीक्षण किया गया। खाद्य विभाग की टीम ने संचालक को प्रतिष्ठान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन को अपडेट रखने के निर्देश दिए। साथ ही एनालॉग पनीर की बिक्री और भंडारण नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।
गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस हो सकता है निलंबित
जिला अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन सिद्धार्थ पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए मिठाई कारखानों, दुकानों, किराना दुकानों और त्योहार से जुड़ी खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। यह अभियान 17 अगस्त से शुरू होकर एक सप्ताह तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में बेहद खराब या अस्वच्छ परिस्थितियां पाई जाती हैं तो खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही प्रतिष्ठान को बंद कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
एनालॉग पनीर पर विभाग की विशेष नजर
खाद्य विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर की बिक्री प्रतिबंधित है। ऐसे में विभाग इसकी बिक्री और भंडारण पर विशेष निगरानी रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे एनालॉग पनीर न खरीदें, न बनाएं और न ही बेचें। त्योहार के दौरान दूध से बने वास्तविक पनीर का ही उपयोग करें।
विभाग का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना तथा मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।





