Khairagarh। नगर पालिका परिषद एक बार फिर अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। विकास कार्यों से ज्यादा भुगतान, खरीदी और कथित गड़बड़ियों के मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
योजना में गड़बड़ी का आरोप
ताजा मामला सरकार की पौनी पसारी योजना से जुड़ा है। वर्ष 2019-20 में पिपरिया वार्ड और इतवारी बाजार वार्ड में बाजार निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन जमीनी हकीकत अलग निकली।
- स्वीकृति पिपरिया वार्ड के नाम पर
- निर्माण कर दिया गया इतवारी बाजार में
- टेंडर और दस्तावेजों में स्थल पिपरिया ही दर्ज
बताया जा रहा है कि बिना सक्षम अनुमति के निर्माण स्थल बदल दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिपरिया वार्ड को नहीं मिला लाभ
जिस वार्ड के लिए योजना बनाई गई थी, वहां आज तक कोई निर्माण नहीं हुआ। स्थानीय लोग अब भी सड़क किनारे व्यापार करने को मजबूर हैं, जबकि सुविधा दूसरे क्षेत्र में विकसित कर दी गई।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बरेठपारा वार्ड में भी नाली और सीसी रोड निर्माण के दौरान स्थल परिवर्तन के आरोप लग चुके हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि कार्यों का स्थान बदलना एक सामान्य प्रक्रिया बनती जा रही है।
कंपोस्ट मशीन पर भी सवाल
साल 2021 में खरीदी गई करीब 36 लाख रुपये की कंपोस्ट मशीन अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
- मशीन खरीदी गई, लेकिन उपयोग नहीं
- मरम्मत के नाम पर भुगतान के आरोप
- खरीदी प्रक्रिया में भी खामियां उजागर
विपक्ष की जांच की मांग
लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद विपक्ष ने सभी निर्माण कार्यों की जांच और भौतिक सत्यापन की मांग की है।
फिलहाल नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जांच में सच्चाई सामने आती है या मामला फाइलों तक सीमित रह जाता है।





