September 4, 2026

खैरागढ़ में 44 लाख की सराफा चोरी का खुलासा, नागपुर से स्कूटी चुराकर वारदात को दिया अंजाम

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान में सराफा दुकान से हुई करीब 44 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने पहले नागपुर से स्कूटी चोरी की और फिर उसी स्कूटी से छुईखदान पहुंचकर सराफा दुकान को निशाना बनाया। साइबर सेल और छुईखदान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त की रात जैन मोहल्ले में सराफा कारोबारी शांतिलाल जैन की दुकान का शटर तोड़कर बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। दुकान से करीब 20 से 25 किलो चांदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शटर की खराबी की जानकारी से बनाया चोरी का प्लान

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से महेन्द्र साहू तक पहुंच बनाई। पूछताछ में पता चला कि कुछ समय पहले महेन्द्र दुकान पर सामान लेने गया था। इसी दौरान उसे दुकान के शटर में खराबी की जानकारी मिली थी।

इसके बाद उसने नागपुर जाकर अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों ने पहले नागपुर से एक स्कूटी चोरी की और उसी चोरी की स्कूटी से छुईखदान पहुंचे।

सीसीटीवी के तार काटकर तोड़ा शटर

आरोपियों ने चोरी से पहले दुकान की सुरक्षा व्यवस्था की रेकी की। इसके बाद रात में सीसीटीवी के तार काट दिए और शटर तोड़कर दुकान के अंदर दाखिल हुए। दुकान से बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण चोरी करने के बाद आरोपी फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, चोरी का माल आरोपियों ने नवागांव के तालाब में छिपाकर रखा था, ताकि जांच के दौरान उनके पास से सीधे बरामदगी न हो सके।

22.600 किलो चांदी समेत 44.75 लाख का माल बरामद

तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नागपुर पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का माल बरामद किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 किलो 600 ग्राम चांदी, 3 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल होंडा एक्टिवा बरामद की है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 44 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है।

पहले भी अपराधों में शामिल रहे आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी पहले भी चोरी और मारपीट जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस पूरे मामले में साइबर सेल की तकनीकी जांच अहम रही। नागपुर से स्कूटी चोरी से शुरू हुई कहानी छुईखदान की सराफा दुकान में 44 लाख रुपये की चोरी तक पहुंची और पुलिस ने दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस की कार्रवाई से चोरी की पूरी कड़ी सामने आई, जबकि बरामद चांदी और सोने की पहचान के आधार पर आगे की जांच से मामले में नए तथ्य जुड़ सकते हैं।