May 13, 2026

बांस-रॉड से शुरू की ट्रेनिंग, अब खेलो इंडिया में जीता रजत: बाबूलाल हेम्ब्रम की प्रेरक कहानी

रायपुर। झारखंड के एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल बन गई है। आर्थिक तंगी के बीच बांस और लोहे की रॉड से अभ्यास शुरू करने वाले बाबूलाल ने आज खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के रहने वाले बाबूलाल को इस खेल की ओर मोड़ने में पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह की अहम भूमिका रही। उन्होंने बाबूलाल की शारीरिक बनावट को देखते हुए वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी, लेकिन उस समय सबसे बड़ी चुनौती संसाधनों की कमी थी।

साल 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत करने वाले बाबूलाल के पास न तो उपकरण थे और न ही किट खरीदने के पैसे। ऐसे में उन्होंने हार मानने के बजाय निर्माण स्थलों पर बांस और लोहे की रॉड से ही अभ्यास शुरू कर दिया। बाद में उन्हें झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में प्रशिक्षण का मौका मिला, जहां पहुंचने के लिए उन्हें रोज़ करीब 60 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था।

पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे 19 वर्षीय बाबूलाल का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उनकी मां स्कूल में रसोइया हैं, जबकि पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। बावजूद इसके, उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।

बाबूलाल इससे पहले भी कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वर्ष 2024 में चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईडब्ल्यूएफ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए हैं।

वर्तमान में बाबूलाल पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं और अब उनका लक्ष्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है।

बाबूलाल कहते हैं कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला यह रजत पदक उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता है। उनका सपना है कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर देश के लिए पदक जीतें।

उनकी यह यात्रा न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।