May 19, 2026

ट्राइबल गेम्स क्लोजिंग से पहले भूटिया और मैरी कॉम की दो टूक, व्यवस्था और अनुशासन पर उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का क्लोजिंग सेरेमनी आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हो रहा है। समापन से पहले साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व भारतीय फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया और विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने खेल व्यवस्था और खिलाड़ियों से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

बाईचुंग भूटिया ने कहा कि देश में खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन मेडल नहीं आने के पीछे कई बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि एक ही कोच पर निर्भर रहना, कोच को उचित प्रशिक्षण नहीं देना और वर्षों तक एक ही पद पर बने रहना खेल व्यवस्था की बड़ी खामियां हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब परिणाम नहीं आ रहे हैं, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

भूटिया ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक मेडल की कमी बनी रहेगी।

वहीं मैरी कॉम ने खिलाड़ियों के अनुशासन और मानसिक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल में टाइमिंग, डाइट और नियमित दिनचर्या बेहद जरूरी है, लेकिन कई खिलाड़ी इन पर ध्यान नहीं देते और सोशल मीडिया में ज्यादा समय बिताने लगते हैं, जिससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ता है।

मैरी कॉम ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए प्रेशर को संभालना बहुत जरूरी है, चाहे वह परिवार का हो या समाज का। अगर खिलाड़ी दबाव को सही तरीके से हैंडल नहीं कर पाएंगे, तो वे अच्छे प्रदर्शन के बावजूद मेडल से चूक सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज का समर्थन खिलाड़ियों के लिए अहम होता है, लेकिन कई बार उन्हें आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।