May 15, 2026

कोंडागांव की पुष्पपाल वैली बनेगी नया इको-टूरिज्म हब, नक्सल प्रभाव घटने के बाद विकास को मिली रफ्तार

कोंडागांव। कभी नक्सल प्रभाव के कारण दुर्गम और असुरक्षित माने जाने वाले कोंडागांव जिले के पहाड़ी क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालात बदलने के साथ ही अब यहां की प्राकृतिक धरोहर को पर्यटन से जोड़ने की पहल तेज हो गई है।

ग्राम पुष्पपाल में वन विभाग द्वारा इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ों के बीच बहती स्वच्छ नदी, घने जंगल और शांत वातावरण इस क्षेत्र को प्राकृतिक रूप से बेहद आकर्षक बना रहे हैं। विभाग की योजना है कि इस प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए इसे एक व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकें।

इसी क्रम में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने पुष्पपाल क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने नादिया पठार सहित आसपास की पहाड़ियों और पुष्पपाल वैली की प्राकृतिक सुंदरता का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभाव में कमी के बाद अब यह क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।

वन मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना है कि यहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। इससे यह क्षेत्र न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देशभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे और पर्यटन को दीर्घकालिक रूप से बढ़ावा मिल सके।