May 18, 2026

कोरबा राममय: धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा शुरू, धर्मांतरण पर सख्त संदेश

कटघोरा/कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा आज पूरी तरह से राममय नजर आई, जहां बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी पांच दिवसीय हनुमंत कथा के लिए पहुंचे। कथा स्थल ढपढप में पहले ही दिन भारी भीड़ उमड़ी, जिससे प्रशासन के लिए व्यवस्थाएं संभालना चुनौती बन गया।

• पहले ही दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कथा शुरू होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन स्थल पर भीड़ इतनी ज्यादा रही कि व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

• धर्मांतरण पर दिया तीखा बयान
मंच संभालते ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आसपास सक्रिय मिशनरियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है और इस तरह की गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

• “हालेलुया वालों की मारी जाएगी ठाठरी”
अपने संबोधन में उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा— “यहाँ आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठाठरी मारी जाएगी, अब यह खेल नहीं चलेगा।” साथ ही उन्होंने ‘घर वापसी’ का संकल्प दोहराया।

• कोरबा की ऊर्जा शक्ति को किया नमन
शहर की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि कोरबा पूरे देश को रोशन करता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर कोरबा का कोयला बंद हो जाए तो कई राज्यों में अंधेरा छा जाएगा।

• “मैं छत्तीसगढ़ का भांचा हूँ”
भावुक अंदाज में उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ बताया और कहा कि यह माता कौशल्या की पावन धरती है, जहां उनका विशेष जुड़ाव है।

• 1 अप्रैल तक चलेगा भक्ति का महाकुंभ
हनुमंत कथा 1 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसमें विशेष ‘दिव्य दरबार’ भी आयोजित होगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर कोरबा में यह धार्मिक आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि अपने बयानों के कारण भी चर्चा में है।