कोरबा।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नाबालिग किशोरी के अपहरण से जुड़े प्रकरण में पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने और किशोरी को बहकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता के परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी।
▶ 10 हजार नकद और बकरा लेने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि नाबालिग किशोरी के अपहरण के आरोपी युवक को 10 हजार रुपये नकद और एक बकरा लेकर छोड़ दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि पसान थाने में पदस्थ एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने यह अवैध लेन-देन किया और आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की।
▶ बयान के बाद आरोपी के साथ जाने की अनुमति देने का आरोप
परिजनों के अनुसार, पुलिस द्वारा बयान दर्ज कराने के बाद किशोरी को घर भेज दिया गया था।
लेकिन घर पहुँचने के महज आधे घंटे के भीतर ही किशोरी बिना बताए आरोपी युवक के साथ चली गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने किशोरी से कहा था कि वह बयान दर्ज होने के बाद आरोपी के साथ जा सकती है, जिससे किशोरी के मन में यह बात बैठ गई और वह दोबारा युवक के साथ चली गई।
▶ नाबालिग को बहकाने और आरोपी को बचाने का आरोप
परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने
- आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की
- नाबालिग किशोरी को गुमराह किया
- आरोपी को कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया
यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी युवक शनि से पुलिस ने बकरा लिया और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया गया।
▶ SP कार्यालय पहुँचा परिवार, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना से आहत नाबालिग के पिता परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नाबालिग को न्याय दिलाने की अपील की है।
▶ पुलिस प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि
“नाबालिग के पिता की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
News Highlights
- कोरबा के पसान थाना क्षेत्र का मामला
- नाबालिग अपहरण केस में पुलिस पर रिश्वत का आरोप
- 10 हजार रुपये और बकरा लेने का दावा
- किशोरी को बहकाने का गंभीर आरोप
- SP ने SDOP स्तर की जांच के दिए आदेश





