September 4, 2026

कोरिया के जीराफूल चावल को मिल रही नई पहचान: प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल से 832 किसान जुड़े, बाजार तक पहुंच बढ़ी

कोरिया। जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (FPO) के प्रभावी मॉडल के जरिए नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की पहल से स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि जीराफूल चावल की पहुंच अब स्थानीय बाजार से आगे व्यापक स्तर तक बढ़ रही है।

कृषि विभाग के उप संचालक राजेश भारती ने बताया कि कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में कोरिया जिले में FPO से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत और बीजामृत जैसे जैव आधारित इनपुट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

खेत से बाजार तक FPO बना मजबूत कड़ी

जीराफूल धान की खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए किसानों को संगठित बाजार से जोड़ने में FPO महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के माध्यम से जीराफूल चावल के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस व्यवस्था से किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने और अपनी उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने का अवसर मिल रहा है।

प्राकृतिक खेती से मूल्य संवर्धन तक तैयार हुई पूरी श्रृंखला

जीराफूल चावल की प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रमाणन, आकर्षक पैकेजिंग और FPO के माध्यम से विपणन ने ‘खेत से बाजार तक’ पूरी वैल्यू चेन तैयार की है।

प्राकृतिक खेती से उत्पादित जीराफूल चावल को PGS-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे पारंपरिक जीराफूल चावल को प्राकृतिक और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद के तौर पर अलग पहचान दिलाने में मदद मिल रही है।

कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कोरिया के जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल से जुड़े प्रयासों की सराहना की गई है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रयासों को सराहा

कोरिया के जीराफूल चावल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है। पारंपरिक कृषि उत्पाद को प्राकृतिक खेती, FPO और बेहतर मार्केटिंग से जोड़ने की पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर खोल रही है।

कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट तैयार करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और FPO के माध्यम से विपणन को लेकर लगातार मार्गदर्शन दे रहा है। विभाग का लक्ष्य कोरिया के स्थानीय और पारंपरिक कृषि उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

जीराफूल चावल की पहचान अब खेत से बाजार तक पहुंच रही है और FPO इस बदलाव की अहम कड़ी बनकर उभर रहा है।