July 30, 2026

महासमुंद: जातीय भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार से परेशान कोटवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी

पिथौरा। महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पाटनदादर के कोटवार भागीरथी चौहान ने गांव के कुछ लोगों पर जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर परिवार सहित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

धार्मिक आयोजन में सहयोग लेने से किया इनकार

भागीरथी चौहान ने अपनी शिकायत में बताया कि जुलाई 2024 में गांव में आयोजित हरिनाम कीर्तन यज्ञ के दौरान उन्होंने आयोजन के लिए 1000 रुपये नकद और पांच किलो चावल देने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनका सहयोग लेने से इनकार कर दिया।

जातिसूचक टिप्पणी कर किया अपमानित करने का आरोप

शिकायत के अनुसार, संबंधित लोगों ने उनकी जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और कहा कि उनके द्वारा दिए गए धन और चावल का उपयोग करने से धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई।

सामाजिक बहिष्कार का भी आरोप

भागीरथी चौहान का कहना है कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने उनका और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के लोगों को उनके घर आने-जाने, बातचीत करने और मजदूरी करने से भी रोका जा रहा है।

कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप

पीड़ित ने दावा किया है कि वह पिछले कई महीनों से थाना सांकरा सहित विभिन्न प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शिकायत दे रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आत्मदाह की दी चेतावनी

भागीरथी चौहान ने कहा है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित लोगों की होगी।

जांच और कार्रवाई का इंतजार

मामले की शिकायत पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और स्थानीय थाना पुलिस को भी की गई है। अब प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।