May 17, 2026

केटीयूजे में कुलपति प्रो. मनोज दयाल की पहली बैठक, शिक्षा-शोध की गुणवत्ता और नए पाठ्यक्रमों पर दिया जोर

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने पदभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और अतिथि शिक्षकों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्यक्रमों की जानकारी लेते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध का गुणात्मक व गणनात्मक दोनों प्रकार से विस्तार जरूरी है।

कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान, कौशल और शोध के अवसर उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा कि मीडिया और संचार के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं, इसलिए बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप विश्वविद्यालयों को शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण के स्तर पर लगातार नवाचार करना होगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मीडिया जगत की चुनौतियों के अनुरूप दक्ष, जिम्मेदार और संवेदनशील पेशेवर बनाना है।

कुलपति प्रो. दयाल ने पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने की बात कही। साथ ही विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, शोध परियोजनाओं के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि बेहतर शोध वातावरण, मार्गदर्शन और संसाधनों के माध्यम से शोधार्थियों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र के लिए समाजोपयोगी और गुणवत्तापूर्ण शोध सामने आ सकें।

कुलपति ने नैक ग्रेडिंग की तैयारी को लेकर भी कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के अनुभवों और मानकों का अध्ययन कर आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, ताकि विश्वविद्यालय बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त कर सके।

इसके अलावा मीडिया संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। साथ ही इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

बैठक में शिक्षण गुणवत्ता, नए पाठ्यक्रमों की संभावनाओं, शोध गतिविधियों के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कुलपति ने शिक्षकों से सुझाव भी आमंत्रित किए और कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।