रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इंक्यूबेशन परियोजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देना है। तीन साल की इस परियोजना की लागत 10 करोड़ 70 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

बिहान योजना से बदली जिंदगी
कार्यक्रम में दो संभाग स्तरीय एफपीओ और एक राज्य स्तरीय लाइव स्टॉक मार्केटिंग फेडरेशन का भी शुभारंभ किया गया। इसके जरिए महिला किसानों को बकरी पालन वैल्यू चेन के विभिन्न चरणों में जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
बस्तर की बेटी राजकुमारी कश्यप ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पहले वे किसी समूह से जुड़ी नहीं थीं और घर से बाहर निकलने में भी डर लगता था। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने मुर्गी पालन से अपना व्यवसाय शुरू किया और आज हर महीने 35 से 40 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। इसी आय से उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रैक्टर भी खरीदा है। राजकुमारी ने कहा कि वे अब लखपति बन चुकी हैं और आगे करोड़पति बनने का सपना देख रही हैं।
कॉफी टेबल बुक और ‘छत्तीसगढ़ कला’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “कॉफी टेबल बुक” का विमोचन किया, जिसमें लखपति दीदियों की सफलता की कहानियां शामिल हैं। इसके साथ ही “छत्तीसगढ़ कला” पुस्तक का भी विमोचन किया गया, जिसमें स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया का उल्लेख है। मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों का सम्मान भी किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का अनावरण किया।
महिलाओं के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आईआईएम रायपुर के साथ सरकार ने एमओयू किया है, जिसके तहत लखपति दीदियों को करोड़पति बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव की सभी महिलाएं लखपति बन जाती हैं तो उस गांव को ‘लखपति गांव’ घोषित करने की योजना भी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 8 लाख लखपति दीदियां हैं और इसे बढ़ाकर 10 लाख तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिप्टी सीएम बोले – पूरा गांव बनेगा लखपति दीदी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि महिलाओं के साहस और मेहनत से प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और अब वे करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में एक विशेष ऑनलाइन एप्लीकेशन भी शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से लोगों को घर बैठे महिलाओं के उत्पाद मिल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 200 महतारी सदन बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अपने कार्यों के संचालन में सुविधा मिल रही है।





