September 4, 2026

Raipur News: टोल कर्मचारी से मारपीट मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जताया दुख, बोलीं- PA की नहीं थी संलिप्तता

रायपुर। सरगुजा जिले के लहपटरा टोल प्लाजा पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले से जुड़े विवाद को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रतिक्रिया दी है। मंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि टोल कर्मचारी की तकनीकी या मानवीय त्रुटि के बदले उसके साथ किया गया दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मंत्री ने मामले में अपने निजी सहायक (PA) की संलिप्तता के आरोपों को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पीड़ित टोल कर्मचारी से मुलाकात कर उसका हालचाल जानेंगी।

घटना के वक्त वाहन में विश्राम कर रही थीं मंत्री

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि दिनभर विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहने के कारण वह काफी थक गई थीं। यात्रा के दौरान वह अपने वाहन में विश्राम कर रही थीं, जिसके चलते उन्हें टोल प्लाजा पर हुई घटना की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।

उन्होंने बताया कि अगले दिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से घटना की जानकारी मिलने पर वह बेहद आहत और व्यथित हुईं।

मानवीय या तकनीकी त्रुटि पर दुर्व्यवहार अस्वीकार्य

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि टोल प्लाजा पर बूम बैरियर का गिरना तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि हो सकती है और एक जनसेवक के रूप में वह ऐसी गलती को स्वाभाविक मानते हुए कर्मचारी को पूरी तरह क्षमा करती हैं।

उन्होंने कहा कि किसी सामान्य या तकनीकी भूल के बदले चालक द्वारा किसी नागरिक या कर्मचारी के साथ अशोभनीय व्यवहार किया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

PA की संलिप्तता के आरोपों को किया खारिज

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कुछ समाचार माध्यमों में उनके निजी सहायक का नाम इस विवाद से जोड़े जाने पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके PA की ओर से किसी प्रकार का दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं की गई है।

मंत्री के अनुसार, घटना में दिखाई दे रहे व्यक्ति को गलत तरीके से उनके PA के रूप में बताया जा रहा है, जबकि वह व्यक्ति वाहन चालक है। उन्होंने PA की संलिप्तता से जुड़े आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है।

जल्द पीड़ित कर्मचारी से करेंगी मुलाकात

घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि टोल कर्मचारी को हुई मानसिक पीड़ा के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा खेद है। उन्होंने कहा कि अपने अगले प्रवास के दौरान वह स्वयं कर्मचारी से मुलाकात कर उसका कुशलक्षेम जानेंगी।

मंत्री ने कहा कि जनता के आत्मसम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।