July 23, 2026

कांकेर में तेंदुए का आतंक, 6 दिनों में 4 लोगों पर हमला; गांवों में दहशत का माहौल

कांकेर। जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते छह दिनों में तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। इनमें तीन घटनाएं दुधावा क्षेत्र के गट्टागुडुम गांव में और एक नरहरपुर के देवडोंगर गांव में हुई है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है और शाम ढलते ही गांवों की गलियां सूनी पड़ने लगी हैं।

जानकारी के अनुसार, सरोना वन परिक्षेत्र के गट्टागुडुम गांव में पिछले एक सप्ताह से तेंदुए की लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। 16 जून को तेंदुआ गांव में घुस आया और एक कुत्ते का शिकार कर लिया। इसके बाद अलग-अलग घटनाओं में उसने धनेश कुंजाम, बुधन उइके और फूलबाई पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने और मौके पर पहुंचने से उनकी जान बच सकी।

वहीं 18 जून को नरहरपुर क्षेत्र के देवडोंगर गांव में भी तेंदुए के हमले में एक ग्रामीण घायल हो गया। सभी घायलों का उपचार जारी है।

लगातार हमलों के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। जरूरत पड़ने पर लोग समूह में लाठी-डंडों के साथ बाहर निकल रहे हैं। बच्चों को अकेले स्कूल भेजने और महिलाओं के अकेले बाहर जाने को लेकर भी परिवारों में चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग ने घटनाओं के बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की टीम ने संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए हैं और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को मुनादी के जरिए सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और समूह में रहने की सलाह दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि दुधावा क्षेत्र पहले भी तेंदुए की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। वन विभाग पूर्व में यहां से दो तेंदुओं को पकड़ चुका है, लेकिन समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। एक बार फिर बढ़ते हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।