झारखंड शराब घोटाले में केडिया डिस्टलरी के मालिक नवीन केडिया की गिरफ्तारी के साथ जांच ने नया मोड़ ले लिया है। झारखंड ACB/EOW का आरोप है कि राज्य में देशी शराब की सप्लाई नवीन केडिया के जरिए की गई, जिससे झारखंड सरकार को करीब 136 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
कमीशन का खेल
जांच एजेंसी के मुताबिक, नवीन केडिया की डिस्टलरी से सप्लाई की गई शराब की प्रत्येक कार्टून पर तत्कालीन अधिकारियों विनय चौबे और अरुणपति त्रिपाठी को 300 से 600 रुपये तक का कमीशन दिया जाता था। यह रकम अवैध रूप से तय की गई और इसी के जरिए बड़ा वित्तीय घोटाला अंजाम दिया गया।
पूछताछ से बचता रहा आरोपी
ACB/EOW ने मामले में नवीन केडिया को पूछताछ के लिए कई बार बुलाया था, लेकिन वह जांच से बचता रहा। इस दौरान उसने ACB कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
फरारी के बाद गिरफ्तारी
अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से नवीन केडिया फरार चल रहा था। आखिरकार जांच एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया और ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रांची रवाना किया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
आगे क्या?
जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कमीशन नेटवर्क, पैसों के ट्रेल और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर अहम खुलासे हो सकते हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।





