छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर विवाद सामने आया है। झारखंड निवासी एक मुस्लिम युवक और लुंड्रा क्षेत्र की एक आदिवासी युवती ने कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही कुछ हिंदू संगठनों और वकीलों ने आपत्ति जताते हुए इसे रुकवा दिया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, युवक पर युवती को बहला-फुसलाकर विवाह करने का आरोप लगाया गया। कोर्ट मैरिज की सूचना मिलने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और वकीलों ने इसका विरोध किया। इस दौरान युवक के साथ मारपीट किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक-युवती दोनों को थाने बुलाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ कर स्थिति को नियंत्रित किया।
युवती का फैसला
समझाइश के बाद आदिवासी युवती ने युवक से विवाह नहीं करने का निर्णय लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। मामले को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।





