May 14, 2026

हासमुंद : 1.5 करोड़ की LPG गैस हेराफेरी का खुलासा, एक गिरफ्तार, कई पर शिकंजा

महासमुंद। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाज़ारी से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें करीब 90 मीट्रिक टन गैस की हेराफेरी की गई है। इस गैस की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह से 6 अप्रैल 2026 के बीच इस पूरे खेल को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स अभनपुर (उरला) के मालिक संतोष ठाकुर, डायरेक्टर सार्थक ठाकुर और प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव पर मिलीभगत के आरोप लगे हैं।

जांच में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से अहम सुराग मिले, जिससे पता चला कि 6 गैस कैप्सूल वाहनों से अलग-अलग दिनों में गैस निकाली गई। कुल मिलाकर 90 मीट्रिक टन गैस अवैध रूप से खाली कर बाजार में खपाई गई।

दस्तावेजों की जांच में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है। रिकॉर्ड में अप्रैल माह में केवल 47 टन गैस खरीदी दिखी, जबकि बिक्री 107 टन से अधिक दर्ज है, जो बड़े स्तर पर कालाबाज़ारी की ओर इशारा करता है।

पूछताछ में प्लांट कर्मचारियों ने बताया कि यह काम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर किया जाता था। गैस को पहले प्लांट के बुलेट टैंक में उतारकर बाद में निजी टैंकरों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि बिना बिल के 4 से 6 टन गैस की सप्लाई रायपुर और आसपास के इलाकों में की गई। यह पूरा नेटवर्क नियमों को दरकिनार कर संचालित किया जा रहा था।

मामले में पुलिस ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

यह मामला न केवल गैस कालाबाज़ारी का बड़ा उदाहरण है, बल्कि सिस्टम की खामियों का भी खुलासा करता है। अब आगे की जांच में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।