July 23, 2026

महादेव बेटिंग ऐप केस: EbixCash चेयरमैन विकास गर्ग 10 दिन की ED रिमांड पर, अब तक ₹4,000 करोड़ की संपत्ति जब्त

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज जैसे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में अब तक करीब ₹4,000 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।

दिल्ली से गिरफ्तारी, रायपुर में पेशी

ED के अनुसार, विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नई दिल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 15 जुलाई को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया।

रायपुर की विशेष अदालत ने ED की दलीलों को स्वीकार करते हुए विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

क्या है ED की जांच में दावा?

ED ने बताया कि उसने छत्तीसगढ़ के दुर्ग सहित आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इन मामलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं।

जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का नेटवर्क विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के जरिए काम करता था और कथित तौर पर हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई करता था।

शेल कंपनियों के जरिए धन शोधन का आरोप

ED के मुताबिक, अवैध कमाई को शेल कंपनियों और बहुस्तरीय वित्तीय नेटवर्क के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से QIP, FPI, FDI और FCCB जैसे निवेश मार्गों का उपयोग कर धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया।

एजेंसी का यह भी दावा है कि इसी धन का इस्तेमाल अमेरिका की कंपनी EBIX Inc. में 97.58% हिस्सेदारी खरीदने के अलावा भारत और विदेश में शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य परिसंपत्तियां बनाने में किया गया।

940.77 करोड़ की संपत्तियां पहले ही अटैच

ED ने बताया कि 5 जून 2026 को जारी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई थीं। इनमें आवासीय संपत्तियां, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं।

एजेंसी का आरोप है कि जांच के दौरान भी विकास गर्ग कथित अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर करने का प्रयास करते रहे।

अब तक ₹4,000 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED के अनुसार, इस मामले में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। अदालत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक इस मामले में करीब ₹4,000 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अटैच, जब्त या फ्रीज किया जा चुका है। मामले की जांच अभी जारी है।