May 14, 2026

महासमुंद में आदिवासी परिवार का आरोप, न्याय नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी

महासमुंद। पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम टेका (सुंदरगढ़) में एक आदिवासी परिवार बीते सात महीनों से न्याय की मांग को लेकर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। जमीन विवाद, जाति सूचक गाली-गलौच और धान फसल जब्ती जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई न होने से परिवार ने अब मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जमीन विवाद और मारपीट का आरोप

पीड़ित मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि 10 नवंबर 2025 को ग्राम कैलाशपुर स्थित उनकी कृषि भूमि में धान कटाई के दौरान दुलिकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू ने पहुंचकर जमीन को अपना बताते हुए विवाद किया और जाति सूचक गाली-गलौच की।

धान फसल जब्ती पर सवाल

परिवार का आरोप है कि 11 दिसंबर 2025 को एसडीएम पिथौरा द्वारा बिना पूर्व सूचना के उनकी धान फसल कटवाकर जब्त कर ली गई। इस मामले में शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने थाना पिथौरा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कई बार शिकायत दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उनका यह भी आरोप है कि उन्हें बार-बार थाने बुलाकर बयान लिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि 10 मार्च और 26 मार्च 2026 को उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मुख्यमंत्री निवास घेराव की कोशिश को पुलिस ने रोक दिया।

आत्मदाह की चेतावनी

मनबोध कोड़ाकू ने चेतावनी दी है कि यदि 6 मई 2026 तक आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे 7 मई को मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करेंगे।

आरोपों का खंडन

वहीं, आरोपी दुलिकेशन साहू ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है।

प्रशासन का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच प्रक्रिया जारी है और पीड़ित के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।