महासमुंद। जिले में गांजा तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने तहसील कार्यालय के सामने खड़ी महाराष्ट्र पासिंग कार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। कार की तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया, जिसे खाकी टेप में पैक कर छिपाया गया था।
बंद कार ने खोला तस्करी का राज
घटना मंगलवार रात करीब 9:15 बजे की है। नेशनल हाईवे-353 पर तहसील कार्यालय के सामने एक महाराष्ट्र पासिंग कार (MH 31 DC 2140) अचानक खराब होकर रुक गई। कार में सवार दोनों युवक काफी देर तक उसे स्टार्ट करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसी दौरान वहां से गुजर रही पुलिस पेट्रोलिंग टीम की नजर कार पर पड़ी।
महाराष्ट्र पासिंग होने के कारण पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ शुरू की। युवकों ने घबराते हुए बताया कि कार बंद हो गई है, लेकिन उनकी बातों में असंगति पाई गई, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
तलाशी में मिली गांजे की खेप
पुलिस ने दोनों युवकों को कार से नीचे उतारकर तलाशी ली। इस दौरान कार की पिछली सीट के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 15 से 20 पैकेट गांजा मिला, जो खाकी टेप से लपेटकर छिपाया गया था।
इसके बाद तुरंत सायबर सेल और अतिरिक्त पुलिस बल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
ओडिशा से महासमुंद तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गांजा ओडिशा से लाया गया था और रास्ते में कम से कम तीन थाना क्षेत्रों—कोमाखान, बागबाहरा और खल्लारी—से होते हुए महासमुंद पहुंचा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी खेप बिना किसी रुकावट के जिले के भीतर तक पहुंच गई, और अंततः कार खराब होने पर यह तस्करी उजागर हुई।
पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की सक्रियता को उजागर करता है। स्थानीय लोगों और पुलिस महकमे में चर्चा है कि इतनी लंबी दूरी तय करने के बावजूद गांजा आसानी से जिले में प्रवेश कर गया, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
करीब दो साल पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जब ओडिशा से गांजा लेकर आ रही एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और तलाशी के दौरान उसमें से बड़ी मात्रा में नशे का सामान मिला था। उस घटना के बाद भी तस्करी नेटवर्क पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन लोग शामिल हैं।





