March 4, 2026

महासमुंद जिले में कमार जनजाति के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन ने उठाए सार्थक कदम

महासमुंद, 09 फरवरी 2026

महासमुंद जिले में कमार जनजाति का निवास मुख्य रूप से बागबाहरा, महासमुंद और पिथौरा विकासखंड के कुछ ग्रामों में है। आदिम जाति अनुसंधान केंद्र के 2015-16 के आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार जिले में कुल 923 कमार परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 3309 है, जिसमें 1614 पुरुष और 1695 महिलाएं शामिल हैं। यह जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी में आती है, जिसके समग्र विकास हेतु जिला प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है।

कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए कार्ययोजना

जिला प्रशासन ने कमार जनजाति के विकास के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार की है। शासन द्वारा दो बहुद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है, प्रत्येक की लागत 60 लाख रुपये निर्धारित की गई। इन केंद्रों का शुभारंभ 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।

इन केंद्रों में:

  • महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सेवाएं
  • स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं
  • जिला पंचायत द्वारा आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कलेक्टर के निर्देशानुसार बच्चों के लिए खेल परिसर, ओपन जिम और किचन गार्डन की भी व्यवस्था की गई है।

मूलभूत सुविधाओं का व्यापक विकास

  • सड़क, जल, बिजली और संचार का विस्तार विशेष ध्यान से किया गया।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 26 सड़कों के निर्माण की स्वीकृति, जिसमें 18 सड़कें 18.5 किलोमीटर लंबी पूर्ण हो चुकी हैं। शेष निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य।
  • लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा 32 बसाहटों के 314 घरों को नल-जल से जोड़ा गया, शेष 581 घरों हेतु राशि आबंटन प्रस्तावित।
  • बिजली से वंचित 62 ग्रामों के 330 परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान।
  • ग्राम रोड़ा में नवीन मोबाइल टावर निर्माण शीघ्र प्रारंभ।
  • स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रस्ताव, वर्तमान में दो यूनिट संचालित।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के 678 कच्चे मकानों के निर्माण की स्वीकृति, 574 आवास पूर्ण।

दस्तावेज़ीकरण और सामाजिक सुरक्षा

पूर्व में कमार जनजाति की लगभग 65% जनसंख्या व्यक्तिगत दस्तावेजों से वंचित थी। इसे दूर करने हेतु विशेष शिविर और घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया। वर्तमान में:

  • सभी 3309 व्यक्तियों के नाम राशन कार्ड में दर्ज, 35 किग्रा निःशुल्क चावल प्रतिमाह प्रदान।
  • 1550 व्यक्तियों के आधार कार्ड पूर्ण।
  • सभी पात्र 2327 आयुष्मान कार्ड धारक।
  • 1825 पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते खुलवाए गए।
  • पेंशन, एलपीजी सब्सिडी, महतारी वंदन योजना, छात्रवृत्ति एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ।
  • किसान सम्मान निधि योजना में 73 लाभार्थियों को पूर्ण लाभ।
  • महासमुंद, पिथौरा और बागबाहरा विकासखंड में 2309 जाति प्रमाण पत्र बनाकर 100% लक्ष्य प्राप्त।

निष्कर्ष:
जिला प्रशासन की ये पहलें कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को सुनिश्चित कर रही हैं, साथ ही उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और जीवन स्तर सुधारने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।