May 18, 2026

Mahasamund Medical College Tender : डेढ़ करोड़ के टेंडर में अनियमितता का खुलासा, जेम पोर्टल छोड़ मैनुअल जारी किया ठेका

महासमुंद। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में सफाई और सुरक्षा गार्ड व्यवस्था से जुड़े करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर में बड़ी अनियमितता सामने आई है। वित्तीय अधिकार न होने के बावजूद डीन की अनुपस्थिति में क्रय समिति के पदाधिकारियों और कुछ लिपिकों ने मिलकर शासकीय जेम (GeM) पोर्टल की अनिवार्य प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए मैनुअल टेंडर जारी कर दिया। इस पूरे मामले का खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए हुआ है।

मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. रेणुका गहाने

डीन की गैरमौजूदगी में पूरी की गई प्रक्रिया
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार मेडिकल कॉलेज के डीन की अनुपस्थिति में क्रय समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और लिपिकों ने 15 और 20 जनवरी 2025 को टेंडर प्रक्रिया पूरी की। नियमों के अनुसार साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए टेंडर जेम पोर्टल के माध्यम से जारी होना था। दस्तावेजों में बताया गया है कि जेम पोर्टल पर तकनीकी मूल्यांकन और वित्तीय बिड खोली गई, लेकिन मैनपावर सप्लाई का ऑर्डर पोर्टल के माध्यम से जारी नहीं किया गया। बताया जाता है कि अधिकारियों ने महज आधे घंटे के भीतर पोर्टल से प्रिंटआउट लिया और सिस्टम से बाहर निकल गए।

ऑफलाइन अनुबंध कर जारी किया गया ठेका
इसके बाद 26 मई और 26 जून 2025 को ऑफलाइन अनुबंध करते हुए ठेका जारी कर दिया गया। मेटास सिक्योरिटी एंड फायर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को सफाई व्यवस्था के लिए 75,09,007 रुपये और बुंदेला सिक्योरिटी एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को सुरक्षा व्यवस्था के लिए 75,09,007 रुपये का ठेका दिया गया। दोनों अनुबंधों की कुल राशि करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

सुरक्षा निधि में भी गड़बड़ी के संकेत
दस्तावेजों के अनुसार मेटास कंपनी से 3 लाख 20 हजार रुपये का एफडीआर (सुरक्षा निधि) यूनियन बैंक के माध्यम से जमा कराया गया। वहीं बुंदेला सिक्योरिटी के अनुबंध में 2 लाख 40 हजार रुपये सुरक्षा निधि का उल्लेख तो है, लेकिन उसका एफडीआर जमा होने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

जेम पोर्टल से जानकारी भी गायब
आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा जेम पोर्टल से संबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी मांगी गई तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लिखित में जवाब दिया कि कॉन्ट्रैक्ट ऑर्डर की कॉपी जेम पोर्टल में उपलब्ध नहीं है, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर टेंडर दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के अनुसार सरकारी खरीद प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से ही होनी चाहिए, लेकिन इस मामले में ऑनलाइन प्रक्रिया अधूरी छोड़कर ऑफलाइन ठेका जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

डीन ने कहा – नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई गई
मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. रेणुका गहाने का कहना है कि जेम पोर्टल से एल-वन के बाद नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई गई थी। एल-वन अनुमोदन के लिए प्रस्ताव आयुक्त को भेजा गया था और अनुमोदन मिलने के बाद ही अनुबंध किया गया।

क्रय समिति के सदस्य
मेडिकल कॉलेज की क्रय समिति में अध्यक्ष एवं क्रय अधिकारी डॉ. अलखराम वर्मा के साथ सदस्य के रूप में डॉ. बसंत महेश्वरी, डॉ. ओंकार कश्यप, डॉ. चंद्रपाल भगत, डॉ. दिप्ती गौतम, डॉ. शेष नारायण चंद्राकर, डॉ. अनिल सिंह और सहायक ग्रेड-2 मुकेश देवांगन शामिल हैं।