May 14, 2026

महासमुंद में नीलगाय की हत्या: कुल्हाड़ी से मारकर मांस पकाने की तैयारी, 2 गिरफ्तार, 4 फरार

पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र से वन्यजीव क्रूरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ ग्रामीणों ने एक मादा नीलगाय को कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया और उसके मांस को पकाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार अन्य आरोपी फरार हो गए हैं।

तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे, बना शिकार का मौका
जानकारी के मुताबिक, सुखीपाली गांव के शांतिनगर निवासी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे सोमवार सुबह करीब 7 बजे भालुडोंगरी जंगल की ओर तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक मादा नीलगाय पर पड़ी, जिसे कुत्तों ने काफी देर तक दौड़ाकर थका दिया था। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए दोनों ने नीलगाय पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

खेत में ले जाकर मांस पकाने की तैयारी
नीलगाय को मारने के बाद आरोपी उसे पास के खेत में ले गए और वहीं मांस पकाने की तैयारी शुरू कर दी। धीरे-धीरे अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंच गए और इस अवैध गतिविधि में शामिल हो गए। इसी बीच किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना वन विभाग को दे दी, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।

वन विभाग की दबिश, मौके से गिरफ्तारियां
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जोहित झरेखा को मौके से पकड़ लिया। पूछताछ के आधार पर सुरेंद्र झरेखा को भी गिरफ्तार किया गया। वहीं मुख्य आरोपी ईश्वर कुमार, टंकधर रात्रे, सचिन प्रधान और विद्याधर प्रधान फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
वन विभाग ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मादा नीलगाय की उम्र करीब 4 साल
वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला ने बताया कि मृत नीलगाय मादा थी, जिसकी उम्र लगभग 4 वर्ष थी। घटना की चश्मदीद महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम कर नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अलग घटना: पेड़ से टकराकर हिरण घायल
इसी क्षेत्र के गिरना गांव के जंगल कक्ष क्रमांक 229 में एक अन्य घटना भी सामने आई, जहां एक हिरण भागते हुए पेड़ से टकरा गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण का प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आने पर उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और इस तरह की घटनाओं की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।