महासमुंद। जिले में बीती रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जहां एक ओर मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर रबी सीजन की खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
खेतों में बर्बादी का मंजर
जिले के मुख्यालय से लगे कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद और परसदा (ब) जैसे कई गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई और कई जगह पानी भर गया। अलग-अलग गांवों में 30 से 50 एकड़ तक फसल प्रभावित होने की जानकारी है।
किसानों की चिंता बढ़ी
रेघा पर खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई से ठीक पहले यह नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है। कई किसानों ने खाद-बीज और कर्ज चुकाने को लेकर चिंता जताई है।
प्रशासन ने शुरू किया सर्वे
इस मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना मिलते ही सभी एसडीएम को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। आंकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जिले में दर्ज हुई बारिश
बीती रात जिले के विभिन्न तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोमाखान में सबसे अधिक 32.6 मिमी बारिश हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
अगले दो दिन मौसम अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।
समय से ठीक पहले हुई इस बारिश ने तैयार खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, जबकि प्रशासन ने जल्द राहत देने का भरोसा दिया है।





