March 4, 2026

महासमुंद में सड़क चौड़ीकरण कार्य में सुरक्षा की अनदेखी, नागरिकों में चिंता

महासमुंद। जिले में बीटीआई रोड से कलेक्टर कॉलोनी तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से स्थानीय नागरिक चिंतित हैं। 2.3 किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को दी गई है। ठेका मेसर्स किरण बिल्डकॉन को मिला है।

सुरक्षा उपायों की कमी

निर्माण स्थल पर चेतावनी सूचना फलक, गहरे गड्ढों के चारों ओर रेडियम संकेतक और रेत भरे बोरे जैसे जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं और निर्माण सामग्री बेतरतीब फैली हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस स्थिति में वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

बार-बार फटी पाइपलाइन, पेयजल संकट

जेसीबी मशीन से खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। अब तक 10 से 12 बार पाइप फट चुकी हैं, जिससे कई मोहल्लों में 2–3 दिन तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही।

धूल और स्वास्थ्य प्रभाव

निर्माण कार्य के चलते चौबीसों घंटे उड़ती धूल से नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। सांस और एलर्जी से संबंधित शिकायतें बढ़ रही हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है और कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

नगरपालिका के जल प्रभारी ने पाइप फटने की आधिकारिक जानकारी न होने की बात कही है।

चिंता का विषय

हाल ही में दिल्ली, नोएडा और कानपुर में सड़क निर्माण में खुदे गड्ढों में गिरने से जानलेवा हादसे सामने आए थे। महासमुंद में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी ठेकेदार और कार्य एजेंसी की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।

नगरवासियों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि सुरक्षित सड़क उपयोग के बिना यह विकास कार्य नागरिकों के लिए खतरा बन सकता है।