July 23, 2026

महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपये

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 626.25 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये किए गए ट्रांसफर

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के अभियान को छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।

योजना से महिलाओं के जीवन में आया बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, सिलाई-कढ़ाई और स्वरोजगार अपनाया है। वहीं कई परिवार इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं।

ई-केवाईसी जल्द पूरी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मार्च 2024 से लागू है योजना

गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू है। इसके तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।