July 23, 2026

महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! पुरुष को एक साल तक मिलती रही राशि, सत्यापन व्यवस्था पर उठे सवाल

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में सत्यापन प्रक्रिया की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। खैरागढ़ जिले के ग्राम मुढ़ीपार में एक पुरुष के खाते में करीब एक साल तक योजना की राशि पहुंचती रही, जबकि यह योजना केवल पात्र महिलाओं के लिए है। मामले के सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने राशि की रिकवरी शुरू कर दी है और आवेदन को स्थायी रूप से होल्ड कर दिया गया है।

पुरुष के आवेदन को दो स्तर पर मिली मंजूरी

जानकारी के मुताबिक, मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू ने महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। आवेदन में हितग्राही के नाम के साथ पति के नाम की जगह भी तिलोक साहू का ही नाम दर्ज था। इसके बावजूद आवेदन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापित कर दिया गया और योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया।

करीब एक साल तक खाते में आती रही राशि

ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित खाते में करीब 12 महीने तक योजना की राशि जमा होती रही। बाद में मामला सामने आने पर एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना, खैरागढ़ ने 3 जुलाई 2026 को बैंक को पत्र जारी कर 10 हजार रुपये शासन के खाते में वापस जमा कराने के निर्देश दिए। फिलहाल आवेदन को ‘परमानेंट होल्ड’ कर दिया गया है और लाभ त्याग का अनुरोध भी स्वीकार कर लिया गया है।

ट्रायल के लिए किया था आवेदन : तिलोक साहू

तिलोक साहू का कहना है कि वह एक सीएससी सेंटर संचालित करता है। योजना शुरू होने के दौरान पोर्टल की प्रक्रिया समझने और ट्रायल के उद्देश्य से उसने स्वयं आवेदन किया था। उसके मुताबिक उसके खाते में कुल 10 हजार रुपये आए थे, जिन्हें विभाग के निर्देश के बाद वापस जमा करा दिया गया है।

विभाग ने कही रिकवरी की बात

परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित हितग्राही से राशि की रिकवरी कर ली गई है। अन्य तथ्यों की जानकारी रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।

सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवेदन में हितग्राही और पति दोनों का नाम एक ही व्यक्ति का होने के बावजूद दो स्तर की जांच में इसे सही मान लिया गया। अब सवाल यह है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी या नहीं।