कबीरधाम।
कबीरधाम जिले के बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की भारी कमी (शॉर्टेज) के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि जिला विपणन अधिकारी (DMO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए जांच समिति का गठन भी कर दिया गया है।
प्रशासन का दावा: सूखत से हुई धान की कमी
जिला प्रशासन के अनुसार, बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी का मुख्य कारण सूखत (Drying Loss) है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कमी चूहों, दीमक या कीड़ों द्वारा खाए जाने के कारण नहीं हुई है।
आंकड़ों के अनुसार—
- 2020-21: 3.9% सूखत
- 2021-22: 3.67% सूखत
- 2022-23 व 2023-24: संग्रहण नहीं हुआ
- 2024-25: 3.5% सूखत (पिछले 5 वर्षों में सबसे कम)
प्रशासन ने कहा है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई दोषी पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
26 हजार क्विंटल धान गायब, कीमत करीब 7 करोड़
गौरतलब है कि बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में रखे गए धान में कुल 26 हजार क्विंटल की कमी पाई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार—
- वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया धान संग्रहित किया गया था
- दोनों केंद्रों में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान रखा गया
- उठाव के बाद मिलान में 26 हजार क्विंटल धान कम मिला
- इनमें से 22 हजार क्विंटल धान अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से गायब पाया गया
सुनियोजित हेराफेरी का आरोप
बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र प्रभारी के खिलाफ उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि—
- उपार्जन केंद्र के जिम्मेदारों से मिलीभगत
- धान की फर्जी आवक-जावक दर्शाना
- डैमेज धान खरीदी के फर्जी बिल
- मजदूरों की फर्जी हाजिरी
- सीसीटीवी कैमरों से बार-बार छेड़छाड़
इन सबके जरिए सुनियोजित तरीके से लगभग 5 करोड़ रुपये की हेराफेरी किए जाने का आरोप है।
अधिकारियों का पक्ष
इस मामले में जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने पहले कहा था कि—
“धान की कमी मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक व कीड़ों के कारण हुई है। प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में हमारे जिले की स्थिति बेहतर है।”
वहीं सहायक जिला खाद्य अधिकारी ने कहा कि शिकायत गंभीर है और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे और अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। धान घोटाले ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





